【" #दिव्य_प्रेरण_ प्रकाश " पुस्तक नहीं, अपितु एक शिक्षा "ग्रन्थ" है ।】
हमारे देश का भविष्य हमारी युवा पीढ़ी पर निर्भर है किन्तु उचित मार्गदर्शन के अभाव में वह आज गुमराह हो रही है । पाश्चात्य भोगवादी सभ्यता के दुष्प्रभाव से उनके यौवन का ह्रास होता जा रहा है। विदेशी चैनल द्वारा चलचित्र, अशलील साहित्य आदि प्रचार माध्यमों के द्वारा युवक-युवतियों को गुमराह किया जा रहा है। युवा पीढ़ी को चरित्र, संयम और नैतिकता से भ्रष्ट करने पर ये तुले हुए हैं ।
#दिव्य_प्रेरणा_प्रकाश एक पुस्तक नहीं अपितु एक शिक्षा ग्रन्थ है, इसमें विद्यार्थियों को संयमी जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है ।
सचमुच इस अनमोल ग्रन्थ को पढ़कर एक अदभुत प्रेरणा तथा उत्साह मिलता है ।
#दिव्य_प्रेरणा_प्रकाश पुस्तक आज के युवा वर्ग के लिये अमूल्य भेंट है। यह पुस्तक युवानों के लिये सही दिशा दिखानेवाली है ।
आज के युग में युवानों के लिये वीर्यरक्षण अति कठिन है। परन्तु इस पुस्तक को पढ़ने के बाद ऐसा लगता है कि वीर्यरक्षण करना अत्यंत सरल है ।
#दिव्य_प्रेरणा_प्रकाश पुस्तक आज के युवा वर्ग को सही युवान बनने की प्रेरणा देती है। यह पुस्तक पढ़ने से मांस, मछली, अण्डा, लहसुन, प्याज आदि छूट जाते हैं । यह पुस्तक मनुष्य के जीवन को समृद्ध बनानेवाली है और वीर्यरक्षण की शक्ति प्रदान करने वाली है ।
यह पुस्तक आज के युवा वर्ग के लिये एक अमूल्य भेंट है। आज के युवान वीर्यशक्ति का व्यय कर देते हैं और दीन-हीन, क्षीणसंकल्प, क्षीणजीवन होकर अपने लिए व औरों के लिए भी खूब दुःखद हो जाते हैं, उनके लिए यह पुस्तक सचमुच प्रेरणादायक है।
अपने जीवन से हरे हुए मनुष्य के लिए जीवन में विकास करने का उत्तम मार्ग तथा दिग्दर्शक यह ‘दिव्य प्रेरणा प्रकाश' पुस्तक है। तमाम युवक-युवतियों को यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए। इससे बहुत लाभ होता है ।
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