इतिहास साक्षी है क़ि समय-समय पर धर्म-गुरुओं पर प्रहार होते रहे है...
जागो हिन्दुस्तानी-14-10-2015
समाज को उन्नत करने के लिए संतो को कितना सहना पड़ा है इसका अंदाजा आम जनता नही लगा सकती । वर्त्तमान समय में संत आसाराम बापूजी संस्कृति को उजागर करने के लिए कितना कुछ सहन कर रहे है ये आम जनता से छुपा नही है। आखिर क्यों संत आसाराम बापूजी इतना सहन (दर्द ) कर रहे हैं? क्योंकि बापूजी वैलेंटाइन-डे की जगह मातृ-पितृ पूजन-दिवस कराते हैं। धर्मांतरित हिन्दूओं की घर वापसी कराते है। समाज को दिव्य संस्कार देते है, और भी बापूजी ऐसी बहुत सारी हिन्दू-संस्कृति की बातें बताते हैं जो षडयंत्रकारियों को बर्दाश नहीं होती इसीलिए वे बापूजी पर तरह-तरह के षड़यंत्र करते रहते है। Adv. Ishkaran Bhandari (Supreme Court)
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