साधु-संतों का एकजुट होकर इस षड्यंत्र का मुँहतोड़ जवाब
जागो हिन्दुस्तानी
जो लोग धर्मांतरित हो चुके थे, हिन्दू संस्कृति से भटक चुके थे, उन हजारों-हजारों लोगों को संत आसारामजी बापू ने घर वापसी करायी ।
उनके लिए घर बनवाये, वस्त्र दिये, रुपये दिये, हर आवश्यक चीज मुहैया करायी ।
तो ये जो ईसाई मिशनरियाँ हैं, देश के भ्रष्टाचारी लोग हैं, इनको जलन हुई । इनको लगा कि ‘इन संतों के कारण तो हमारी दुकानें बंद हो जायेंगी तो भारत को ईसाई देश में कैसे तबदील करेंगे ?’ इसलिए इन षड्यंत्रकारियों ने बापूजी को फँसाकर जेल भिजवा दिया । और इस तरह कैसा-कैसा कुचक्र चलाया कि दो साल हो गये पर आज तक उन्हें जमानत तक नहीं मिल पायी है ।
लेकिन अब सभी संस्कृतिरक्षक संगठनों और साधु-संतों को एकजुट होकर इस षड्यंत्र का मुँहतोड़ जवाब देना होगा । -साध्वी सरस्वतीजी, भागवत कथाकार
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